Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शरीर में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बढ़ता है पितà¥à¤¤? जानें इसे संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने के घरेलू उपाय
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शरीर में पितà¥à¤¤ बढ़ने से कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा हो जाती है। आखिर पितà¥à¤¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बढ़ता है? और इसे किन घरेलू उपायों से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करें।
कà¥à¤¯à¤¾ आपको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आता है? या आपके शरीर में खà¥à¤œà¤²à¥€ और दाने रहते हैं? अगर हां, तो ये लेख आपके काम का हो सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ पितà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•ृति वाले लोगों में देखने को मिलते हैं। जिन लोगों में पितà¥à¤¤ दोष जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, वे पितà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•ृति वाले होते हैं। पितà¥à¤¤ दोष अगà¥à¤¨à¤¿ और जल दो ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से मिलकर बना होता है, जब शरीर में अगà¥à¤¨à¤¿ बढ़ जाती है तो पितà¥à¤¤ दोष जनà¥à¤® लेता है। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर के लिठपितà¥à¤¤ का संतà¥à¤²à¤¨ में होना बहà¥à¤¤ जरूरी होती है। आइठआरोगà¥à¤¯ डाइट और नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨ कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• की डायटीशियन डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤—ीता मà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤œà¤¾ (Dr. Sugita Mutreja, Dietician of Arogya Diet and Nutrition Clinic) से जानते हैं, कà¥à¤¯à¤¾ है पितà¥à¤¤ दोष और इसे संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने के कà¥à¤› घरेलू उपाय-
दरअसल, पितà¥à¤¤ दोष बढ़ने पर शरीर में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकावट आने लगती है। इससे नींद में कमी, तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€, शरीर में जलन और गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आता है। शरीर में पितà¥à¤¤ बढ़ने से 40 तरह के रोग जनà¥à¤® ले सकते हैं। इसलिठइसे समय पर शांत करना जरूरी होता है। अगर पितà¥à¤¤ दोष के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ लकà¥à¤·à¤£ दिख रहे हैं, तो आप इसे कà¥à¤› घरेलू उपायों की मदद से à¤à¥€ ठीक कर सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ है पितà¥à¤¤ दोष (What is Pitta Dosha)
हमारा शरीर तीन चीजों से मिलकर बना होता है। इसमें वात, पितà¥à¤¤ और कफ शामिल होता है। शरीर में इनमें से किसी à¤à¤• का à¤à¥€ असंतà¥à¤²à¤¨ रोग पैदा कर सकता है। इसलिठआपको इन तीनों को शांत और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤ पितà¥à¤¤ दोष शरीर में तब बढ़ता है, जब बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मसालेदार खाना खाया जाता है या फिर मानसिक तनाव लेने पर à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष जनà¥à¤® लेता है। पितà¥à¤¤ दोष होने पर शरीर में अगà¥à¤¨à¤¿ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है, जो 40 तरह के रोगों का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं पितà¥à¤¤ की कमी से à¤à¥€ रोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं। इसलिठइसे संतà¥à¤²à¤¨ में रखना जरूरी होता है। किसी à¤à¥€ दोष का बढ़ना या कम होना रोगों को बà¥à¤²à¤¾à¤µà¤¾ देते है।
शरीर में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बढ़ता है पितà¥à¤¤ दोष (Why Pitta Dosha Increase)
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤—ीता मà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤œà¤¾ बताती हैं कि शरीर में पितà¥à¤¤ दोष बढ़ने के पीछे कई कारण जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं। इसमें à¤à¥‹à¤œà¤¨, शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कारण शामिल होते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तीखा, खटà¥à¤Ÿà¤¾, अधिक मसालेदार, नमकीन, तला-à¤à¥à¤¨à¤¾ और पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड खाने से शरीर में पितà¥à¤¤ दोष बढ़ने लगता है। रेड मीट खाने से, कैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजों के सेवन से, शराब और निकोटीन के सेवन से à¤à¥€ पितà¥à¤¤ असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हो जाता है। अगर आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धूप में रहते हैं, तो à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष हो सकता है। à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तनाव और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेने से पितà¥à¤¤ बढ़ने लगता है। बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ या काम करने से à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष में वृदà¥à¤§à¤¿ होती है।
पितà¥à¤¤ दोष को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने के घरेलू उपाय (Home Remedies to Balance Pitta Dosha)
1) घरेलू उपायों में घी, मकà¥à¤–न और दूध से à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
2) पितà¥à¤¤ असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ या बढ़ा हो तो à¤à¤¸à¥‡ में आपको खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों के सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤ इसे संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने के लिठमीठे फलों का सेवन करना लाà¤à¤•ारी होता है।
3) पितà¥à¤¤ को शांत करने के लिठआप à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾, वà¥à¤¹à¥€à¤Ÿà¤—à¥à¤°à¤¾à¤¸ का जूस पी सकते हैं। इससे पितà¥à¤¤ को आसानी से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। लौकी का जूस à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष को शांत करने में मददगार होता है।
4) आंवले के जूस से à¤à¥€ पितà¥à¤¤ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। इसमें कई à¤à¤¸à¥‡ पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं, जो पितà¥à¤¤ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने में मददगार होते हैं।
5) पितà¥à¤¤ दोष होने पर शरीर में अगà¥à¤¨à¤¿ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ी होती है, à¤à¤¸à¥‡ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीने से इसे शांत किया जा सकता है।
6) पितà¥à¤¤ दोष को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने के लिठआप गà¥à¤²à¤¾à¤¬ की पंखà¥à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का गà¥à¤²à¤•ंद बनाकर पी सकते हैं। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर में अगà¥à¤¨à¤¿ को शांत करने में मदद करता है।
7) शरीर में पितà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ने पर आप सौंफ, धनिया का पानी पी सकते हैं। इसके लिठà¤à¤•-à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š सौंफ और धनिया रात को à¤à¤• गिलास पानी में मिला लें। रातà¤à¤° à¤à¤¿à¤—ोकर रखें और सà¥à¤¬à¤¹ इसका पानी पी लें।
8) इसके साथ ही पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ का पानी à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने में मददगार होता है।
9) मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष को शांत करने में मददगार होता है। दूध में मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा को उबालकर इसे खाने से पितà¥à¤¤ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
10) इसके अलावा पितà¥à¤¤ दोष तो शांत करने के लिठआपको अपनी डाइट में घी को जरूर शामिल करना चाहिà¤à¥¤ घी पितà¥à¤¤ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने में बेहद मददगार होता है। आप इसे दाल, सबà¥à¤œà¥€ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
11) सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपको खीरा, शिमला मिरà¥à¤š, अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ दाल, पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, बींस और लौकी को शामिल करना चाहिà¤à¥¤
पितà¥à¤¤ दोष को शांत करने के टिपà¥à¤¸ (Tips to Balance Pitta Dosha)
- पितà¥à¤¤ दोष को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने के लिठआपको कड़वी, कसैली और मीठी चीजों का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
- अगर आपका पितà¥à¤¤ बढ़ा हà¥à¤† है, तो बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से आपको बचना चाहिà¤à¥¤
- दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ बातें करके, खà¥à¤¶ रहकर à¤à¥€ इसे शांत किया जा सकता है।
- मेडिटेशन करके à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
- मारà¥à¤œà¤°à¥€ आसन, चंदà¥à¤° नमसà¥à¤•ार, à¤à¥à¤œà¤‚गासन और शवासन करके पितà¥à¤¤ दोष को शांत करने में मदद मिलती है।
अगर आपके शरीर में à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष बढ़ा हà¥à¤† है, तो आप इन घरेलू उपायों की मदद से इसे संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ कर सकते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक इसमें असर देखने को न मिले, तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ करने की जरूरत होती है। इसलिठइसे नजरअंदाज न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि समय के साथ-साथ यह बढ़ता जाता है।
| --------------------------- | --------------------------- |